व्यवस्था पर संक्रमण / घर-घर पेंशन और जनधन की राशि वितरण में देरी होगी, क्योंकि आधार लिंक नहीं, फिंगर प्रिंट भी मिस मैच

सभी कियोस्क सेंटर, बीसी, सीएससी और सीएसपी के कर्मचारियों को अब घर-घर जाकर ग्राहकों को नकद राशि का भुगतान करना होगा। किसी भी स्थिति में उनके सेंटर से राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा। ग्राहकों के घर पर भुगतान करने पर भी सोशल डिस्टेंस बनाए रखने और सैनिटाइजर की व्यवस्था करना जरूरी है। वहीं कई ग्राहकों के आधार कार्ड लिंक नहीं हैं। कुछ के फिंगर प्रिंट मिस मैच हो रहे हैं। ऐसे में उनकी राशि कैसे निकल पाएगी इसके लेकर संशय बना हुआ है।


इसको लेकर एक दिन पहले जिला प्रशासन ने आदेश जारी किए हैं लेकिन इस तरह घर-घर जाकर पेंशन वितरण में कियोस्क, बीसी और सीएससी संचालकों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में तीन महीने में भी लोगों को पेंशन और जनधन खाते की राशि का भुगतान नहीं हो पाएगी, जबकि आमजन को इस मुश्किल समय में पैसे की जरुरत है। दरअसल जिला प्रशासन ने यह निर्णय बैंकों के बाहर लग रही भीड़ के दौरान सोशल डिस्टेंस नहीं अपनाने के कारण लिया है लेकिन जहां सोशल डिस्टेंस का पालन किया जा रहा है, वह बैंक भी आदेश जारी होने से इसके दायरे में आ गए हैं। नेपानगर की दोनों बैंक बीओआई और एसबीआई में सोशल डिस्टेंस का पालन हो रहा था लेकिन अब सभी बैंकों में नियमित विभागीय कामकाज ही करने को कहा गया है। ऐसे में आमजन को समय पर राशि का भुगतान नहीं हो पाएगा।


निकालना होगा बीच का रास्ता


लोगों का कहना है- ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन को आमजन की सुविधा के लिए बीच का कोई रास्ता निकालना होगा, क्योंकि जिलेभर में सैकड़ों बैंक उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके आधार कार्ड लिंक नहीं हैं। कईं बुजुर्गों की अंगुलियों के निशान नहीं आते। ऐसे में वे परेशान हो रहे हैं। जबकि जिला प्रशासन ने आदेश जारी किया है कि 13 अप्रैल से जिले के बैंक की सभी शाखाओं द्वारा ग्राहकों के लिए कोई लेन-देन नहीं किया जाएगा। ग्राहकों के लिए शाखाएं बंद रहेंगी तथा उन्हें शाखाओं में जाने की अनुमति नहीं होगी। सभी बैंक की शाखाएं अपने आंतरिक कार्य के लिए सुबह 10 से शाम 4 बजे तक खुली रहेंगी। सभी कियोस्क, बीसी, सीएससी, सीएसपी के कर्मचारी अपनी बैंक की शाखा से नकद निकासी के लिए जा सकते हैं। अपने साथ आई कार्ड रखना आवश्यक है। वहीं सभी बैंक स्टाफ को अपनी-अपनी शाखा में जाने की छूट रहेगी।


एक दिन में 20 से ज्यादा ग्राहकों को नहीं दे सकते राशि


घर-घर जाकर राशि वितरण करने में कियोस्क संचालक को लैपटॉप, चार्जर, माउस, फिंगरप्रिंट के लिए डिवाइस, इंटरनेट के लिए डिवाइस या एंड्रॉयड मोबाइल सहित अन्य सामान के साथ कैशबुक और राशि साथ में रखना है। घर-घर जाकर पहले सिस्टम रेडी करना और राशि निकालने के बाद इसे बंद करना है। इसी में 15-20 मिनट का समय लगता है। अगले घर जाकर फिर यही प्रोसेस दोहराना है। ऐसे में दिनभर में 15-20 लोगों को ही राशि दे पाएंगे। इस पर भी उसे कोई अतिरिक्त लाभ नहीं है जबकि परेशानी अधिक होगी।


कियोस्क संचालकों के पास राशि नहीं


घर-घर जाकर पेंशन और जनधन खाते की राशि का भुगतान करने के लिए कियोस्क संचालकों के पास पर्याप्त राशि होना चाहिए लेकिन कुछ को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश कियोस्क और बीसी संचालक इतने सक्षम नहीं हैं कि अपनी क्षमता से अधिक राशि का भुगतान कर सकें। इसमें बैंकों का सहयोग भी नहीं मिल रहा है। जबकि बीसी, सीएसपी बैंक का ही अंग है। अधिकांश कियोस्क संचालकों का कहना है इस विषम परिस्थितियों में उन पर अधिक जिम्मेदारी थोपी जा रही है लेकिन बैंक हमारी वित्तीय समस्याओं को सुलझाने में आनाकानी करते हैं। जबकि सैकड़ों खाते एनपीए हो रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में जोखिम उठाने पर उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा। बैंकों के बाहर सोशल डिस्टेंस बनाया जा रहा है, लेकिन आदेश के कारण यहां भी लेनदेन बंद रहेगा।


इन बातों पर देना होगा ध्यान



  • जनधन के खातेदारों ने खाता खोलने के बाद महीनों से उसमें लेन-देन नहीं किया है। इससे उनके खाते इनएक्टिव हो गए हैं।

  • ऐसे कई खाताधारी हैं, खाते से आधार नहीं जुड़े हैं। वहीं कई खाताधारी अब बालिग हो जाने से उनका सटेटस बदल गया है।

  • कई खाताधारकों के फिंगर प्रिंट मिसमैच हो रहे हैं। अधिकांशतः बुजुर्गों के फिंगर प्रिंट नहीं आते।

  • आमतौर पर सीमेंट, चूना, मिट्टी आदि कार्य करने वाले लोगों के फिंगर प्रिंट घिस जाने से नहीं आते।

  • अधिकांश लोगों के पास एटीएम कार्ड नहीं है। जिनके पास हैं, वो ब्लाक हो जाने से ट्रांजेक्शन नहीं कर पा रहे हैं।

  • अधिकांश लोगों को नए एटीएम की प्रक्रिया की जानकारी नहीं है।



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